महिला आयोग नोटिसBreaking News Elections 2019 politics Social Media Trending लोकसभा 2019 

फ़िरोज़ खान की बढ़ी मुश्किलें ,जयाप्रदा मामले में महिला आयोग ने भेजी नोटिस

चुनावी सरगर्मियां बड़ी तेजी से बढ़ रहे हैं और इसी बीच एक और मामला सामने आया है जिसमें समाजवादी नेता को नोटिस जारी किया गया है। जी हां, समाजवादी नेता फ़िरोज़ खान ने कुछ दिनों पहले जयाप्रदा के लिए अनुचित भाषा का इस्तेमाल किया था। उन्होंने जयाप्रदा को ठुमका लगाने की बात कह दी थी। लेकिन अब फिरोज खान की मुश्किलें बढ़ सकती हैं, क्योंकि फिरोज़ खान को जयाप्रदा मामले में महिला आयोग ने नोटिस जारी किया है।
क्या है पूरा मामला – 

भारतीय जनता पार्टी से रामपुर सीट के लिए लोकसभा प्रत्याशी जयाप्रदा पर समाजवादी पार्टी के नेता फिरोज खान ने कुछ दिनों पहले टिप्पणी की थी जिसके बारे में महिला आयोग ने अब एक्शन लेने का मन बना लिया है महिला आयोग ने सपा नेता को नोटिस जारी करते हुए उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं। फिरोज खान ने कहा था कि “अब रामपुर की शामें रंगीन हो जाएंगी और लोग भी मजे लूटेंगे।”
फिरोज खान की भाषा पर यहीं फुल स्टॉप नहीं लगा उन्होंने आगे कहा कि –
” मैं एक दिन बस में था जाम लगा हुआ था उसी जाम में उनका (जयाप्रदा) काफिला भी फंसा हुआ था मुझे लगा कहीं यह जाम खुलवाने के लिए वह ठुमका न लगाने लगें। उन्होंने आगे कहा कि अब तो रामपुर की शामें बहुत रंगीन हो जाएंगी, चुनावी माहौल जब चलेगा तो रामपुर के लोग भी बहुत अच्छे हैं। वोट तो वे आजम खान को ही देंगे लेकिन मजे जरूर लूटेंगे। मुझे चिंता है कहीं हमारे संभल के लोग भी मजे लूटने ना चले जाएं।” 
फिलहाल महिला आयोग ने फिरोज खान को उनकी भाषा के इस्तेमाल के लिए परेशानी में डालने का पूरा मन बना लिया है और अब उन्हें महिला आयोग के द्वारा जारी की गई नोटिस का जवाब देकर अपनी अमर्यादित भाषा के प्रयोग के बदले नोटिस का मजा उठाना होगा।
इसके अलावा उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य की बेटी संघमित्रा मौर्य पर भी टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि “कोई खुद को गुंडी कहे या नाचने वाली कहे हम इस पर क्या कहेंगे? हमने उन्हें शराफत का सर्टिफिकेट तो दिया नहीं है।”
उनका इशारा संघमित्र के उस बयान की ओर था जिसमें उन्होंने कहा था कि, “अगर आप के बीच कोई गुंडागर्दी करने आता है तो उन गुंडों से भी बड़ी गुंडी मैं बन जाऊंगी। फिलहाल फिरोज खान की मुश्किलें बढ़ने के साथ-साथ समाजवादी पार्टी की मुश्किलें भी बढ़ सकती है क्योंकि बीजेपी इसे चुनावी मुद्दा बनाकर बनाने की कोशिश जरूर करेगी, और अगर सारी रणनीति ठीक बैठी तो रामपुर सीट से समाजवादी पार्टी को अपना हाथ धोना पड़ेगा।

Related posts

Leave a Comment